यह ब्लॉग खोजें

गुरुवार, 24 अप्रैल 2025

पहलगाम आतंकी हमले पर प्रयागराज के पूर्व सैनिकों में उबाल, निकाला कैंडल मार्च

कैंडल मार्च निकलते हुए प्रयागराज के पूर्व सैनिक

प्रयागराज: वेटरन्स इंडिया प्रयागराज पूर्व सैनिक संगठन के सैकड़ों पूर्व सैनिकों ने जिलाध्यक्ष पूर्व एचएफओ संदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 28 लोगों की निर्मम हत्या का विरोध प्रदर्शन शहीद स्तंभ से सुभाष चौराहे तक कैंडल मार्च निकल कर किया है।

वेटरन्स इंडिया प्रयागराज पूर्व सैनिक संगठन के सैकड़ों सदस्यों ने पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा 28 लोगों के निर्मम हत्या के विरोध में शहीद स्तंभ पर दो मिनट के मौन के पश्चात कैंडल मार्च शाहिद स्तंभ से पत्थर गिरजाघर होते हुए सुभाष चौराहे तक किया और केंद्र सरकार से कड़ी करवाई के साथ खून का बदला खून की मांग की। इसी कड़ी में पाकिस्तान के झंडे जलाए और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। ऐसा निर्मम हत्या का देश के आम जन मानस में काफी आक्रोश दिखा और आम जनता ने भी इसमें अपना प्रदर्शन और आक्रोश व्यक्त किया। संगठन  के तरफ से आतंकवाद से निपटने के लिए केंद्र सरकार से अपील किया कि यदि जरूरत पड़ी तो हम पूर्व सैनिक पुनः मोर्चा संभालने को तैयार है और कश्मीर की जनता से भी इस निर्मम हत्या पर कड़ा विरोध जताने के लिए कहा। पूर्व सैनिकों ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि हमें अपनी आंतरिक सुरक्षा में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर भूतपूर्व सैनिकों में काफी आक्रोश है।  प्रयागराज के पूर्व सैनिक संगठन वेटरन्स इंडिया ने आतंकवादियों के इस कायराना हमले पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग भारत सरकार से की है। पूर्व सैनिक संगठन वेटरन्स इंडिया के जिला अध्यक्ष पूर्व एचएफओ संदीप कुमार सिंह ने कहा कि हमले में मारे गए लोगों को ईश्वर अपने श्री चरणों में स्थान दें। उनके परिवार को दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन ने यह कायरना हरकत किया है। ऐसी कायरना हरकत जिसमें धर्म पूछ-पूछकर उनके ऊपर गोलियां बरसाई गई। आतंकवादियों की इस कायरना करतूत से खून खौलता है। पाकिस्तान को आमने-सामने लड़ने की हिम्मत नहीं है इसलिए इस तरह का कायरना हरकत किया है। पूर्व एचएफओ संदीप कुमार सिंह ने कहा कि कश्मीर के लोग आतंकवाद के खिलाफ सड़क पर उतरे हैं। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लग रहे हैं। हमें अपनी आंतरिक सुरक्षा में और भी अधिक ध्यान देने की जरूरत है। भले ही कश्मीर को कुछ सालों में कंट्रोल कर लिया है, लेकिन कभी भी किसी भी अनहोनी से नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। पाकिस्तान जैसे कौम का कोई भरोसा नहीं है।

गुरुवार, 3 अप्रैल 2025

श्रीमती जूही श्रीवास्तव ने भवंस मेहता विद्याश्रम भरवारी में प्रधानाचार्य पद पर ग्रहण किया कार्यभार

 


भवंस मेहता विद्याश्रम भरवारी में 3 अप्रैल को शिक्षाविद्, तेजतर्रार एवं अनुभवी श्रीमती जूही श्रीवास्तव ने नवनियुक्त प्रधानाचार्य के रूप में पद ग्रहण किया इस मौके पर पूर्व कमिश्नर आर. एस. वर्मा एवं भारतीय विद्या भवन मुंबई के सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ कॉलेज की रजिस्ट्रार श्रीमती पल्लवी मोराजी की उपस्थिति में भवंस मेहता विद्याश्रम भरवारी के निदेशक संदीप सक्सेना ने श्रीमती जूही श्रीवास्तव को प्रधानाचार्य पद पर ज्वाइन कराया। इस अवसर पर आर्यकन्या डिग्री कॉलेज प्रयागराज की हिंदी प्रमुख डॉ. कल्पना वर्मा, संगम इंटरनेशनल स्कूल प्रयागराज की प्रधानाचार्या श्रीमती स्मिता खरे, भवंस मेहता डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रो. प्रबोध श्रीवास्तव तथा अनेक गणमान्य उपस्थित रहें जिनका निदेशक संदीप सक्सेना ने मोमेंटो एवं साल भेंट कर स्वागत किया।नव नियुक्त प्रधानाचार्य श्रीमती जूही श्रीवास्तव ने पत्रकारों के समूह को अपने प्रथम संबोधन में संबोधित करते हुए बताया कि मेरी पहली प्राथमिकता भवंस मेहता विद्याश्रम भरवारी के समस्त अभिभावकों छात्रों एवं अध्यापकों के बीच एक अच्छे कोऑर्डिनेशन एवं बेहतर माहौल  के साथ संस्कारित शिक्षा दिलाने का है जिसके लिए उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को अहम बताते हुए एक साथ मिलकर भवंस मेहता विद्याश्रम जो कि एक बहुत ही ख्यातिप्राप्त संस्था है उसको आगे बढ़ाने में सहयोग की अपील किया। साथ ही आज आए हुए समस्त अतिथियों का स्वागत करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। पूर्व के समय में बच्चों के रहने के लिए चलने वाले हॉस्टल के संबंध में जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरा आज प्रथम दिन है कुछ दिनों में मेरा प्रयास आप लोगों के समक्ष दिखाई पड़ेगा पढ़ाई के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा प्रथम प्रयास होगा कि शिक्षक एवं छात्र-छात्रा में जो भी प्रश्न उत्तर होगा वह सिर्फ इंग्लिश टू इंग्लिश में जवाब देना होगा उसमें कोई भी शिक्षक हिंदी में वार्तालाप नहीं करेगा तीसरे सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा कि स्कूल के छात्र संख्या कॉलेज की गिरते साख किसी चुनौती से कम नहीं है उन्होंने कहा कि मैं स्वयं एक कर्मठ एवं अनुभवी महिला हूं शिक्षा के चलते किसी भी प्रकार का कोई समझौता अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करूंगी।